Home » राजनीति » माननीय विधायकों को पेंशन में चाहिये बढ़ोतरी, मनोहर लाल के फैसले पर पुनर्विचार के लिए विधानसभा अध्यक्ष को दिया ज्ञापन

माननीय विधायकों को पेंशन में चाहिये बढ़ोतरी, मनोहर लाल के फैसले पर पुनर्विचार के लिए विधानसभा अध्यक्ष को दिया ज्ञापन

पूर्व विधायक  एसोसिएशन  के पदाधिकारियों ने विस अध्यक्ष से  मुलाकात  कर बताया कि छत्तीसगढ़ में पूर्व विधायकों को इलाज के लिए चिकित्सा भत्ता व अन्य सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में प्रतिमाह कम से कम 20 हजार रुपये आउटडोर इलाज के लिए दिया जाए और इनडोर इलाज के लिए कैशलैस कार्ड उपलब्ध करवाए जाएं।

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वहीं, एसोसिएशन के महासचिव रणबीर मन्दौला ने कहा कि 60 वर्ष की उम्र के बाद पूर्व विधायकों को बैंक लोन नहीं देते। हिमाचल प्रदेश में पूर्व विधायकों को 4 प्रतिशत ब्याज पर लोन दिया जाता है। हरियाणा में भी पूर्व विधायकों को इसी तर्ज पर कार खरीदने व मकान की मुरम्मत के लिए विधानसभा से 25 लाख रुपये का लोन दिया जाना चाहिए। इसकी रिकवरी पेंशन से की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि की वजह से यात्रा भत्ता भी बढ़ाया जाना चाहिए। पूर्व विधायकों को मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में 2 लाख रुपये और झारखंड में 3 लाख रुपये प्रति वर्ष यात्रा भत्ता दिया जाता है। हरियाणा में भी यह भत्ता 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के लिए ‘नो लोस नो प्रोफिट’ पर पंचकूला में भू-खण्ड की भी मांग की है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से पूर्व विधायकों की पेंशन रिवाइज नहीं हुई। वर्ष 2016 में भत्ते व पेंशन संशोधन बिल में पेंशन पर एक लाख रुपये होने पर कैप लगाया था। इस कैप में मंहगाई भत्ता, यात्रा भत्ता आदि भी जोड़ दिया। इसलिए मंहगाई भत्ते सहित सभी भत्तों से यह कैप हटाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकारें पेंशनर्स को 80 वर्ष की आयु पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देती है। इसमें अब केन्द्र व राजस्थान-हिमाचल व कई प्रदेशों में पेशनर्स की मांग पर इस स्लैब में संशोधन स्वीकार कर 65 वर्ष पर 5 प्रतिशत, 70 वर्ष पर 10 प्रतिशत, 75 वर्ष पर 15 प्रतिशत, 80 वर्ष पर 20 प्रतिशत और 85 वर्ष पर 30 प्रतिशत करने का फैसला हुआ है। इसलिए पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ोतरी भी इसी तर्ज पर होनी चाहिए।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की तर्ज पर चिकित्सा भत्ता, सेवादार (अर्दली भत्ता) व टेलीफोन भत्ता दिलाने की मांग भी की। कहा कि पूर्व विधायकों को सामाजिक कार्यों, धार्मिक स्थलों, खेलों व सांस्कृतिक उत्सवों में भी आर्थिक देनदारी होती है। साथ में आगुन्तकों की आवभगत करनी होती है। इसके लिए उन्हें सत्कार भत्ता देना चाहिए।
इस अवसर पर पूर्व विधायक रामवीर सिंह, रामफल कुंडू, आजाद मोहम्मद, बिजेंद्र सिंह कादियान, रमेश गुप्ता, शशि रंजन परमार, मास्टर धर्मपाल ओबरा, डॉ. शिव शंकर भारद्वाज, जसवीर सिंह मलौर, सुभाष कत्याल, रामकुमार कटवाल, ईश्वर सिंह पलाका, लहरी सिंह, सोमवीर सिंह, अनीता यादव समेत अनेक पूर्व विधायक मौजूद रहे

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