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बंधुआ मजदूरी से मुक्त होकर कटे हाथ को लेकर 150 किलोमीटर चला युवक, अब मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

चंडीगढ़ : देश और प्रदेश की सरकारों की ओर से बंधुआ मजदूरी को रोकने के लिए कईं प्रकार के नियम और कानून बनाए गए हैं। इनके बावजूद कहीं न कहीं से ऐसी खबर सामने आ जाती है, जिसे सुनकर किसी भी आम इंसान के होश उड़ जाए। ऐसा ही एक मामला अब नूंह से सामने आया है। बंधुआ मजदूरी का दंश झेलने वाला एक 15 वर्षीय युवक मजदूरी करते हुए घायल हो गया तो उसे बंधक बनाने वाले इंसान ने इलाज करवाने की बजाए उसे कटे हाथ के साथ ही सुनसान स्थान पर छोड़ दिया।

बिहार के किशनगंज का रहने वाला यह किशोर दो महीने पहले कैथल में काम ढूंढने गया था जहां एक डेयरी संचालक ने उसे दस हजार रुपये महीने पर काम पर रखा। मशीन से हाथ कटने के बाद इलाज कराने की बजाय उसे सड़क पर छोड़ दिया गया।

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दो दिन बाद बच्चा नूंह में किसी व्यक्ति के माध्यम से पुलिस के संपर्क में आया। इसके बाद पुलिस की ओर से उसके परिवार से संपर्क किया गया। युवक ने बताया कि वह करीब दो माह पहले कैथल जिले में धान लगाने निकला था।

बहादुरगढ़ स्टेशन पर ट्रेन छूटने के बाद एक व्यक्ति ने उसे दस हजार रुपये महीने का लालच देकर अपने साथ ले जाकर डेयरी में काम पर लगा दिया, लेकिन जब उसका हाथ चारा काटते समय मशीन में फंसकर कट गया, तो डेयरी मालिक ने हाथ की चमड़ी ब्लेड से काटी और मामूली पट्टी कर रात में सुनसान सड़क पर छोड़ दिया।

वह दो दिन तक घायल अवस्था में भूखा-प्यासा भटकता रहा और नूंह पहुंच गया। वहां एक व्यक्ति की मदद से पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया।

मामला सामने आने पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग की टीम युवक के पास पहुंची। हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा, सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया ने बताया कि इस पूरे मामले में शारीरिक क्षति और मानवीय गरिमा का हनन साफ दिखाई देता है। इस मामले में ऐसे शोषण से बच्चों की रक्षा करने वाले तंत्र की विफलता भी साफ दिखाई देती है।

न्यायमूर्ति ललित बत्रा की अध्यक्षता वाले आयोग ने साफ किया कि नाबालिग के साथ इस प्रकार का दुर्व्यहार अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यदि उक्त आरोप सच पाए जाते हैं तो भारतीय संविधान के अनुछेद 21 और 23 के तहत प्रदत्त मौलिक मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होगा। आयोग के प्रॉटोकोल सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि इस मामले में अगली सुनवाई 4 नवंबर 2025 को होगी।

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