MSP of paddy declared in Haryana : भारत सरकार ने धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय कर दिया है। इसके तहत हरियाणा में सामान्य धान 2,369 प्रति क्विंटल और ग्रेड ए का धान 2,389 प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा। नीति के अनुसार, टूटे चावल की अधिकतम मात्रा ग्रेड ए और सामान्य धान में 25 फीसदी होगी।
राज्य सरकार ने खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के लिए धान खरीद की मिलिंग नीति को भी मंजूरी दे दी है। प्रत्येक चावल मिलर को कस्टम मिल राइस (CMR) कार्य करने के लिए संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इस पंजीकरण के लिए प्रति मिल ₹3,000 का शुल्क देना होगा और यह एक साल के लिए वैध रहेगा। इससे वे ई-खरीद पोर्टल पर एजेंसियों के धान की कस्टम मिलिंग के लिए पात्र हो सकेंगे।
मिलर्स उठा सकेंगे धान
नीति में यह भी प्रावधान है कि यदि ठेकेदार समय पर धान का उठान नहीं करता है, तो राइस मिलर्स स्वयं धान उठा सकेंगे। इस प्रक्रिया में होने वाले खर्च का भुगतान हरियाणा सरकार द्वारा किया जाएगा। यह कदम धान की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।हालांकि, कस्टम मिल राइस (CMR) की कीमतें अभी तक तय नहीं की गई हैं। राज्य सरकार ने बताया है कि सीएमआर की कीमतें भारत सरकार से प्राप्त नहीं हुई हैं।
इस दिन शुरू होगी खरीद
भारत सरकार से प्राप्त होने पर इन्हें संबंधित पक्षों को प्रसारित किया जाएगा। पॉलिसी के अनुसार धान की खरीद एक अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक होगी। हालांकि, राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से पहले खरीद शुरू करने की अनुमति मांगी है। बताया जा रहा है कि धान की खरीद 22 या 23 सितंबर से शुरू की जा सकती है।
कृषि विभाग के पूर्व अनुमानों के मुताबिक, खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के दौरान हरियाणा की मंडियों और खरीद केंद्रों में लगभग 84 लाख मीट्रिक टन धान की आवक होने की संभावना है। खरीद एजेंसियों की कुल खरीद में हिस्सेदारी लगभग 54 लाख मीट्रिक टन होगी। खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के दौरान, खरीद एजेंसियां केंद्रीय पूल में लगभग 36 लाख मीट्रिक टन कस्टम मिल राइस का योगदान देंगी।
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