Haryana News : हरियाणा के नूंह जिले के तावडू स्वास्थ्य विभाग ने अपना टारगेट पूरा करने के लिए एक महिला की नसबंदी कर दी। महिला अस्पताल में अबॉर्शन करवाने पहुंची थी। बड़ी बात यह है कि नसबंदी करने के बाद खुद डॉक्टरों ने ही महिला को इसके बारे में बताया।
जब महिला को इस बारे में पता लगा तो उसने परिजनों को बताया। परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इसके बाद सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) ने डॉक्टरों की ओर से गलती मानी और 3 माह बाद नसबंदी खोलने की बात लिखित में दी। इसके बाद भी परिजनों में रोष बना हुआ है।
मामले में SMO निहाल सोलंकी ने गलती मानते हुए कहा कि डॉक्टर ने गलती है। इसके बाद उस महिला डॉक्टर ने रिजाइन भी दे दिया है। पीड़ित महिला की नसबंदी 3 महीने बाद खोल दी जाएगी। इसके लिए कोई चार्ज नहीं किया जाएगा।
इधर, मामले का संज्ञान लेते हुए महिला एवं बाल विकास आयोग की सदस्य सुमन राणा ने कहा है कि केवल रिजाइन देने से काम नहीं चलेगा। ऑपरेशन के समय जितनी भी टीम ऑपरेशन थिएटर में मौजूद थी, उन सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
जानकारी के अनुसार तावडू के सैनीपुरा में रहने वाली एक महिला के गर्भ में पल रहा 2 माह का बच्चा खराब हो गया था। इसके बाद वह तावडू के निजी अस्पताल पहुंची थी।
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